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Showing posts from July, 2024

कुछ महिलाएँ

कुछ महिलाएँ होती है  आझाद उत्सव मनाती है अपने होने का  जिंदा करती है  अपनी बौद्धिकता से  मानवता को  और  देती है चुनौती सामाजिक बुद्धिहीनता को क्योंकि सामाजिक बुद्धिहीनता  बांधती है बांध  बुद्धि पर  और रोक देती है मानवता की उठती लहरों को ऐसी महिलाएँ  कभी  कही जाती हैं  परकटी, घर तोडनेवाली, निस्तेज और यौवनहीन........... डॉ. अस्मिता  

चुनाव

चुनाव हो अपनी मानसिकता के  समाज का या समाज हो अपनी मानसिकता का दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू है। सही चुनाव तो सही मानसिकता का है। जीसे हम बनाते हैं  क्योंकि.......  मानसिक सिंचाई की गुणवत्ता  ही  जीवित रखती है हमारी अस्मिता को........ डॉ. अस्मिता

सिमोन और सार्त्र

सिमोन की बौध्दिकता  उसकी अपनी थी।   सिमोन की सोच  उसकी अपनी थी।  सिमोन की क्रांतिकारीता  उसकी अपनी थी। जीवन की निर्णायकता भी  उसकी अपनी थी। लेकिन....... सिमोन को सार्त्र की साथ थी।  सार्त्र भी सिमोन जैसा ही साथी चाहता होगा। क्योंकि...... एक दार्शनिक व्यक्ति  एक दार्शनिक मानस चाहता है,  जो सिमोन के पास था। इसलिए........ सवाल सहअस्तित्व का है। सिमोन और सार्त्र एक दुसरे का सहअस्तित्व चाहते थे। और..... उस सहअस्तित्व की स्वीकार्यता भी थी।  लेकिन....... नासमझ लोगों ने  कभी सिमोन को सार्त्र  का स्पर्धक माना। तो...... कभी सार्त्र को सिमोन का........  कभी सिमोन को सार्त्र  से कम समझा। तो...... कभी सार्त्र को सिमोन से..... सवाल तो बस साथ होने का है। क्योंकि....... सार्त्र से ही सिमोन बनती है। और ..... सिमोन से ही सार्त्र बनता है। डॉ. अस्मिता 

शिक्षा व्यवस्था

शिक्षा व्यवस्था जिनका अपना भविष्य बना हुआ है। वे दुसरों का भविष्य बिगाडने में लगे हैं। और...... जिनका अपना भविष्य बिगडा हुआ है। वे दुसरों का भविष्य बनाने में लगे हैं।  वाह रे.....प्रभू...... तेरी लिला अपरंपार है।  डॉ. अस्मिता

मौन

मौन ज्ञान है। विमौन अज्ञान है। क्षमा स्थिरता है। क्रोध अस्थिरता है। शांति आत्मीय है। अशांति दुर्भावना है।  मौन शांति तक जाने की पहली सिडी है। क्योंकि…..... ईश्वर आत्मा की गहन शांति का नाम हैं। डॉ. अस्मिता