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सिमोन और सार्त्र

सिमोन की बौध्दिकता
 उसकी अपनी थी।
  सिमोन की सोच 
उसकी अपनी थी।
 सिमोन की क्रांतिकारीता 
उसकी अपनी थी।
जीवन की निर्णायकता भी 
उसकी अपनी थी।
लेकिन.......
सिमोन को सार्त्र की साथ थी। 
सार्त्र भी सिमोन जैसा ही साथी चाहता होगा।
क्योंकि......
एक दार्शनिक व्यक्ति 
एक दार्शनिक मानस चाहता है, 
जो सिमोन के पास था।
इसलिए........
सवाल सहअस्तित्व का है।
सिमोन और सार्त्र एक दुसरे का सहअस्तित्व चाहते थे।
और.....
उस सहअस्तित्व की स्वीकार्यता भी थी। 
लेकिन.......
नासमझ लोगों ने 
कभी सिमोन को सार्त्र  का स्पर्धक माना।
तो......
कभी सार्त्र को सिमोन का........ 
कभी सिमोन को सार्त्र  से कम समझा।
तो......
कभी सार्त्र को सिमोन से.....
सवाल तो बस साथ होने का है।
क्योंकि.......
सार्त्र से ही सिमोन बनती है।
और.....
सिमोन से ही सार्त्र बनता है।
डॉ. अस्मिता 

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