चुनाव हो
अपनी मानसिकता के
समाज का
या समाज हो
अपनी मानसिकता का
दोनों एक ही सिक्के के
दो पहलू है।
सही चुनाव तो
सही मानसिकता का है।
जीसे हम बनाते हैं
क्योंकि.......
मानसिक सिंचाई की
गुणवत्ता ही
जीवित रखती है
हमारी अस्मिता को........
डॉ. अस्मिता
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