तुम जीवित होने तक
दुनिया तुम्हें तुम्हारी
पहचान पुछेगी
तुम्हारे पास ये है क्या? वो है क्या?
सभी सवाल 'है क्या' वाले होंगे.......
तुम 'हो क्या'?
यह तुम्हें कोई नहीं पूछेगा
जब तुम मरोगे
तो लोग कहेंगे
'इंसान अच्छा था'।
अर्थात............
तुम मरने के बाद
तुम्हें इंसान समझा जायेगा।
तब तक तुम्हारी किमत
तुम्हारे पास है क्या?
से नापी जायेगी............
इसलिए मरने से पहले
तुम अपनी किमत
निर्धारित करना
क्योंकी
तुम ही निर्धारक हो मनुष्यता के.....
# डॉ. अस्मिता #
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