महिलाये सुबह उठती है
नाहती है
अपने शरीर पर परफूम लगाती है...
और चल देती है बाजार
अपने लिए आराम खरीदने
बीच बाजार उन्हें दिखता है...
एक खूबसुरत मखमली सोफा
गड्डीदार...मुलायम...
अपने शरीरसा पा कर खुश हो जाती है..
और खरीद लाती हैं
जैसे मखमली देखकर
उन्हें भी खरिदा गया था कभी......
सुधीर जिंदे
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