मनुष्य की गरिमा उसका मौन हैं। बुद्ध मौन है महावीर मौन है मौन मनुष्य के शक्तिशाली होने का प्रमाण है। मौन आंतरिक ऊर्जा की अभिव्यक्ती है। मौन आंतरिक परिपक्वता की अभिव्यक्ती है। मौन मनुष्य की जागृत अवस्था है। मौन शांत महासागर की तरह है। मौन अपने आप में एक महासागर है। मौन एक लंबी आंतरिक यात्रा का परिणाम है। मौन विरक्ती का स्वभाव है। मौन अहं से मुक्ति है। मौन अस्तित्व का स्विकार्य भाव है। डॉ. अस्मिता